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वह बच्चा चाहती थी और मैं..." वाराणसी के 'खौफनाक सच' से उठा पर्दा! प्रेमी और उसकी पत्नी ने मिलकर रची मौत की साजिश

 [UP Prime News विशेष रिपोर्ट]

वाराणसी: धर्म की नगरी वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या कर दी गई, और जब पुलिस ने कातिलों के चेहरे से नकाब हटाया, तो हत्या की वजह सुनकर हर कोई सन्न रह गया।

गिरफ्तार आरोपी :- up prime news







इस हत्याकांड में न तो कोई पेशेवर अपराधी था और न ही कोई पुरानी रंजिश, बल्कि यह मामला 'नाजायज संबंधों और ब्लैकमेलिंग' के खूनी खेल का नतीजा निकला।

क्या है पूरा मामला? (The Incident)

घटना शिवपुर के लक्ष्मणपुर गांव की है। बीते 11 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे, मृतका अनुपमा उर्फ सीता (45) का शव उनके घर में खून से लथपथ मिला।

अनुपमा के पति, शैलेश कुमार पटेल, दूध बेचने का काम करते हैं। वे सुबह घर से निकले थे और जब वापस आए तो पत्नी की लाश जमीन पर पड़ी थी।

कातिलों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए घर से गहने और नकदी भी गायब कर दी थी, ताकि यह मामला 'लूटपाट के दौरान हत्या' का लगे।

हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी— सिर पर सिलबट्टे (मसाला पीसने का पत्थर) और स्टील के ड्रम से वार किया गया था।

पुलिस की जांच और गिरफ्तारी (Investigation & Arrest)

UP Prime News को मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ीं तो शक की सुई मृतका के घर के पास किराए पर रहने वाले एक युवक की ओर गई।

पुलिस उपायुक्त (DCP) नीतू कात्यान और ACP नितिन तनेजा की टीम ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद ली।

शुक्रवार को पुलिस ने शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास से भागने की फिराक में खड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी: मोहित यादव (21) और उसकी पत्नी अंजलि चौहान (21)।

हत्या की वजह: "वह मेरे साथ सोना चाहती थी..." (The Shocking Motive)

गिरफ्तारी के बाद आरोपी मोहित ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। मोहित ने बताया:

अवैध संबंध: मोहित, सीता (मृतका) के घर के पास किराए पर रहता था। दूध लेने के बहाने दोनों में जान-पहचान हुई और फिर अवैध संबंध बन गए।

बच्चे की चाहत: सीता की शादी को 15 साल हो चुके थे, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। मोहित के अनुसार, सीता उस पर दबाव बना रही थी कि वह उसे बच्चा दे।

ब्लैकमेलिंग: मोहित ने पुलिस को बताया, "वह मेरे साथ सोना चाहती थी और संबंध बनाकर संतान पैदा करना चाहती थी। जब मैंने मना किया, तो वह मुझे पुलिस में फंसाने और बदनाम करने की धमकी देने लगी।"

साजिश और कत्ल की रात (The Execution)

मोहित इस दबाव से परेशान हो गया था। उसने यह बात अपनी पत्नी अंजलि को बताई। इसके बाद, इस 'पति-पत्नी' (मोहित और अंजलि) ने मिलकर सीता को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।

वारदात का दिन: 11 दिसंबर की सुबह, जैसे ही सीता का पति शैलेश घर से निकला, मोहित घर में घुस गया।

हमला: मौका पाते ही मोहित ने सीता के सिर पर सिलबट्टे और स्टील के ड्रम से हमला कर दिया। इसके बाद चेहरे और गर्दन पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

गुमराह करने की कोशिश: बाहर मोहित की पत्नी अंजलि निगरानी कर रही थी। हत्या के बाद मोहित के कपड़ों पर खून लगा था, जिसे छिपाने के लिए अंजलि ने उसे अपनी शॉल ओढ़ा दी। दोनों ने घर से जेवर और पैसे चुराए और ऑटो पकड़कर फरार हो गए।

बरामदगी और इनाम (Recovery & Reward)

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वह तमाम सामान बरामद कर लिया है, जो उन्होंने हत्या के बाद चुराया था:

एक जोड़ी कान का झुमका, चेन, अंगूठी, टॉप्स, कील, बिछिया, हाथ फूल, करधनी और पायल।

73,640 रुपये नकद।

खून से सने कपड़े भी झाड़ियों से बरामद कर लिए गए हैं।

इस सफल खुलासे के लिए पुलिस आयुक्त ने टीम को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

निष्कर्ष:

UP Prime News आपसे अपील करता है कि अपराध चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ उस तक पहुँच ही जाते हैं। वाराणसी पुलिस की इस तत्परता ने 24 घंटे के भीतर न सिर्फ कातिलों को सलाखों के पीछे भेजा, बल्कि 'ब्लाईंड मर्डर मिस्ट्री' को भी सुलझा लिया।

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