Breaking News

हिजाब पहनना या न पहनना हमारी मर्जी, यह राजनीति नहीं...' – सांसद इकरा हसन का करारा जवाब! पूछा- कब होगी महंगाई और रोजगार पर बात?

 News Report (विस्तृत खबर):

(UP Prime News, ब्यूरो रिपोर्ट):

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर 'हिजाब' का मुद्दा गर्माता नजर आ रहा है, लेकिन इस बार जवाब बेहद सधे हुए और तर्कपूर्ण अंदाज में आया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने हिजाब को लेकर चल रही बहसों पर पूर्णविराम लगाने की कोशिश की है। सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो और टीवी डिबेट के दौरान उठे सवालों का जवाब देते हुए इकरा हसन ने स्पष्ट कर दिया कि महिलाओं के कपड़े नहीं, बल्कि देश के असल मुद्दे प्राथमिकता होने चाहिए।

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन फोटो:- up prime
 news









UP Prime News आपको बता रहा है कि आखिर कैराना सांसद ने इस विवाद पर क्या कहा और क्यों उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

1. 'यह निजी फैसला है, बहस का मुद्दा नहीं'

सांसद इकरा हसन ने कड़े शब्दों में कहा कि हिजाब पहनना या न पहनना पूरी तरह से मुस्लिम महिलाओं का व्यक्तिगत अधिकार (Personal Choice) है। उन्होंने कहा, "संविधान हमें अपनी पसंद के कपड़े पहनने और अपने धर्म का पालन करने की आजादी देता है। किसी को जबरदस्ती हिजाब पहनाना गलत है, तो किसी को जबरदस्ती इसे उतारने के लिए मजबूर करना भी उतना ही गलत है। यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।"

2. 'मैं खुद मुस्लिम महिला हूं, यह हमारी संस्कृति है'

अपनी बात को मजबूती से रखते हुए इकरा हसन ने कहा, "मैं खुद एक मुस्लिम महिला हूं और ऐसे क्षेत्र (कैराना/पश्चिमी यूपी) से आती हूं जहां सिर ढंकना हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। हम अपनी मर्जी से सिर ढंकते हैं। इसे राजनीति या सामाजिक बहस का मुद्दा बनाना ठीक नहीं है।"

उन्होंने विदेशों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाएं अपनी मर्जी से रहती हैं और वहां इसे इतना तूल नहीं दिया जाता, लेकिन हमारे यहां इसे बेवजह विवाद का रूप दे दिया जाता है।

3. असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश?

UP Prime News के विश्लेषण में यह साफ़ है कि इकरा हसन का निशाना सिर्फ हिजाब विवाद पर नहीं, बल्कि सरकार और मीडिया की प्राथमिकताओं पर भी था। उन्होंने दो टूक कहा कि देश को इस समय 'कपड़ों पर चर्चा' की नहीं, बल्कि ठोस काम की जरूरत है।

सांसद ने सवाल उठाया:

शिक्षा और रोजगार: युवाओं के पास नौकरी नहीं है, उस पर बहस क्यों नहीं होती?

महंगाई: बढ़ती कीमतों से आम आदमी परेशान है, उस पर चर्चा कब होगी?

महिला सुरक्षा: कपड़ों की जगह महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

निष्कर्ष:

इकरा हसन ने साफ कर दिया है कि पहनावे को लेकर राजनीति करना बंद होना चाहिए। उनका यह बयान उन लोगों के लिए एक सबक है जो महिलाओं की पसंद को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करते हैं। अब देखना यह है कि उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में क्या हलचल होती है।

जुड़े रहिए UP Prime News के साथ, हर खबर की तह तक!



कोई टिप्पणी नहीं