अखिलेश यादव का बड़ा हमला: 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान गिरे थे 11 विमान, डोनाल्ड ट्रम्प और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर केंद्र को घेरा
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बेहद चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान कुल 11 विमान गिरे थे, लेकिन सरकार ने इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और जनता से सच्चाई छुपाई।
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| पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव फोटो : UP prime news |
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय संदर्भों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी 11 विमानों (क्राफ्ट) के गिरने की बात कही थी। सपा प्रमुख के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच हुई एक बड़ी टैरिफ डील के बाद इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह से 'सील' लगा दी गई, जिसके कारण अब इस पर सवाल नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे पारदर्शिता की कमी करार दिया और मांग की कि देश की सुरक्षा और संसाधनों से जुड़े इस मामले पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान सपा प्रमुख ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित 'एपस्टीन फाइल' का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे इस फाइल की परतें खुल रही हैं, कई बड़ी सच्चाइयां सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि इन खुलासों से सत्ता में बैठे कुछ बड़े नेता भयभीत हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब 11 हवाई जहाज गिरे, तो संबंधित डील के बाद जिम्मेदार लोगों के मुंह पर 'सील' लग गई, ताकि कोई भी सच बाहर न आ सके।
उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी रणनीतियों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर भी अखिलेश यादव ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। बसपा प्रमुख मायावती के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों (मुसलमानों) और समाज के अन्य पीड़ित वर्गों के साथ खड़े होने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'PDA' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) का सामाजिक समीकरण ही भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि पिछले चुनावों में PDA के आधार पर ही ऐतिहासिक जीत हासिल की गई थी और आने वाले समय में भी उनकी पार्टी इसी रणनीति पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के वंचित और अपमानित वर्गों को सम्मान दिलाना और उन्हें साथ लेकर चलना ही उनकी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया।
इस पूरे विवाद में 'ऑपरेशन सिंदूर' का नाम सामने आने के बाद रक्षा और कूटनीति के विशेषज्ञों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अखिलेश यादव के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में विपक्ष, राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय डील्स को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
खबर का बैकग्राउंड:
हाल के दिनों में 'ऑपरेशन सिंदूर' और उससे जुड़े विमान हादसों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं रही हैं। अखिलेश यादव का यह बयान डोनाल्ड ट्रम्प के उन कथित दावों से जोड़कर देखा जा रहा है जो द्विपक्षीय व्यापारिक समझौतों के दौरान चर्चा में आए थे। विपक्ष लगातार इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस तरह के गंभीर आरोपों से आम जनता के मन में राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर संशय पैदा होता है। विमान हादसों और अंतरराष्ट्रीय फाइलों का जिक्र होने से लोगों के बीच यह उत्सुकता बढ़ती है कि क्या वास्तव में कोई जानकारी छुपाई जा रही है। इसका असर आगामी चुनावों में मतदाताओं के ध्रुवीकरण पर भी पड़ सकता है।
UP Prime News एनालिसिस:
अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावों के लिए एक बड़ी रणनीतिक पिच तैयार करने जैसा है, जहाँ वह राष्ट्रीय मुद्दों को स्थानीय राजनीति से जोड़कर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं। हालांकि, इन दावों की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक डेटा के अभाव में चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
लखनऊ | UP Prime News
Published: February 21, 2024 | 08:59 PM IST
By UP Prime News Desk

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