झांसी हत्याकांड: संपत्ति और सरकारी नौकरी के लालच में छोटे भाई ने की बड़े भाई की नृशंस हत्या, घर के आंगन में ही नमक डालकर दफनाया शव
झांसी (उत्तर प्रदेश):
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय रिश्तों और भाई-चारे के विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नगरा के बिहारीपुरा मोहल्ले में एक छोटे भाई ने संपत्ति और सरकारी नौकरी के विवाद में अपने ही बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरोपी ने फिल्म 'दृश्यम' की तर्ज पर शव को घर के पीछे आंगन में पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया और ऊपर से नमक डाल दिया ताकि शव जल्दी गल जाए और बदबू न फैले।
![]() |
| फोटो : UP prime news |
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 9 फरवरी की है, लेकिन इसका खुलासा करीब दस दिन बाद 19 फरवरी की देर रात हुआ। मृतक की पहचान 38 वर्षीय तारिक बेग के रूप में हुई है, जो एमबीए पास था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। आरोपी छोटा भाई मशारिक, जो एक सरकारी कर्मचारी है, उसने अपने भाई की हत्या करने के बाद कई दिनों तक परिवार और पुलिस को गुमराह किया। पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए वह जगह बताई जहाँ उसने अपने भाई को दफनाया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई कर शव को बरामद किया गया।
विवाद की जड़: अनुकंपा नियुक्ति और करोड़ों की संपत्ति
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह सरकारी नौकरी और पैतृक संपत्ति का विवाद बताया जा रहा है। दरअसल, तारिक और मशारिक के पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक थे, जिनकी साल 2022 में एक सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद बड़े बेटे तारिक को अनुकंपा के आधार पर चपरासी के पद पर नौकरी मिल रही थी। एमबीए की डिग्री होने के कारण तारिक ने चपरासी की छोटी नौकरी करने से मना कर दिया। इसके बाद वह नौकरी छोटे भाई मशारिक को मिल गई। हालांकि, नौकरी मिलने के बाद से ही दोनों भाइयों के बीच तनाव रहने लगा था। इसके अलावा, परिवार के पास करोड़ों की संपत्ति बताई जा रही है, जिसे लेकर भी अक्सर विवाद होता रहता था।
9 फरवरी की वो खौफनाक रात
पुलिस जांच में सामने आया है कि 9 फरवरी को घर पर दोनों भाई अकेले थे, जबकि उनकी माँ अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आवेश में आकर मशारिक ने कुल्हाड़ी और चाकू से तारिक पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने बड़ी ही चालाकी से सबूत मिटाने की योजना बनाई। उसने घर के आंगन में गड्ढा खोदा, तारिक के कपड़े उतारे और उसे निर्वस्त्र कर दफना दिया। दुर्गंध रोकने के लिए भारी मात्रा में नमक डाला गया और ऊपर से ईंटें रख दी गईं।
साजिश और सबूत मिटाने का प्रयास
मशारिक ने हत्या को छुपाने के लिए हर संभव कोशिश की। उसने घर में फैले खून के धब्बों को साफ किया और खून से सने कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धो दिया। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों (कुल्हाड़ी, चाकू और फावड़ा) को उसने घर से करीब तीन किलोमीटर दूर एक नाले में फेंक दिया। डिजिटल सबूत मिटाने के लिए उसने तारिक का मोबाइल फोन जंगल में ले जाकर जला दिया। जब माँ घर वापस आई और तारिक के बारे में पूछा, तो मशारिक ने झूठ बोला कि वह कहीं चला गया है। करीब चार दिनों तक उसने परिवार को इसी तरह गुमराह किया।
ऐसे खुला राज: एक गलती और पुलिस की सख्ती
15 फरवरी को परिजनों ने थाने में तारिक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बीच, मृतक के मामा मोहम्मद सलीम को मशारिक के व्यवहार पर शक होने लगा। जब मामा ने मोहल्ले के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए, तो मशारिक घबरा गया। उसने कथित तौर पर मामा से विनती की कि एफआईआर में उसका नाम न आने दिया जाए क्योंकि वह सरकारी कर्मचारी है और उसकी नौकरी चली जाएगी। इस एक बयान ने परिवार के शक को यकीन में बदल दिया। पुलिस ने जब 19 फरवरी को मशारिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो पहले वह गुमराह करता रहा, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उसने सच उगल दिया।
खबर का बैकग्राउंड:
यह मामला झांसी के एक शिक्षित परिवार का है, जहाँ पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति (सरकारी नौकरी) को लेकर दो भाइयों में दरार आ गई थी। एमबीए पास बड़े भाई द्वारा छोटी नौकरी ठुकराने और छोटे भाई द्वारा उसे ग्रहण करने के बाद से ही घर में वर्चस्व और संपत्ति का संघर्ष शुरू हो गया था, जिसका अंत इस वीभत्स हत्याकांड के रूप में हुआ।
पब्लिक इम्पैक्ट:
इस घटना ने समाज में संपत्ति और पद के लिए बढ़ते लालच की ओर इशारा किया है। लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि एक पढ़ा-लिखा और सरकारी पद पर तैनात व्यक्ति अपने ही सगे भाई के साथ ऐसा कर सकता है। इस मामले ने पारिवारिक विवादों में समय रहते मध्यस्थता और कानूनी समझ की आवश्यकता को रेखांकित किया है, ताकि विवाद हिंसा का रूप न लें।
UP Prime News एनालिसिस:
यह घटना दर्शाती है कि जब लालच रिश्तों पर हावी हो जाता है, तो नैतिकता का पतन निश्चित है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और परिवार की सजगता के कारण एक बड़े अपराध का पर्दाफाश हुआ, वरना आरोपी इसे गुमशुदगी का रूप देकर बच निकलने की फिराक में था।
झांसी, उत्तर प्रदेश | UP Prime News
Published: February 21, 2024 | 07:10 PM IST
By UP Prime News Desk

कोई टिप्पणी नहीं